Basic Computer in hindi | Computer kya hai aur kaise sikhe?

इस आर्टिकल Basic Computer in hindi में मैं आपको कंप्यूटर की पूरी जानकारी हिंदी में दूंगा. इस आर्टिकल में ये भी बताऊंगा की computer kya hai, computer all parts की जानकारी, computer ki Generation, computer का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है?

क्या आपको Basic computer in hindi जानकारी है, क्या आप computer के बारे में अच्छे से जानते हैं या आप जानते भी हैं तो थोड़ा-थोड़ा। दोस्तों अगर यैसा है तो आपको बिउलकुल घबराने की जरुरत नहीं है क्यों की आज मैं आपको बेसिक कंप्यूटर इन हिंदी में बेसिक कंप्यूटर की पूरी जानकारी देने वाला हूँ।

अगर आप अच्छे से इस पोस्ट को पढ़ लिए तो मैं दावा से कह सकता हूँ की आपको Basic computer की पूरी जानकारी मिल जाएगा । इस पोस्ट को सही से पढ़ने के बाद Basic computer in hindi को समझने में आपको थोड़ा भी दिक्कत नहीं होगा।

दोस्तों अगर कोई आपको कंप्यूटर के बारे में पूछता है तो सबसे पहले यही पूछता है की Computer kya hai  या Basic computer in hindi, तो चलिए अब हम बारी बारी से Basic computer के बारे में जानते हैं।

Computer Shortcut key list

Computer kya hai – कंप्यूटर क्या है या कंप्यूटर किसे कहते है

Basic computer in hindi
Basic_computer_in_hindi

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र (Device) या मशीन (Machine) है जो डेटा को जानकारी (Information) में परिवर्तित (Convert) करता है।

डेटा (Data) क्या होता है ?

डेटा एक प्रकार से किसी संख्या, तथ्य या आंकड़ों को ही कहा जाता है , जैसे 100, 50, 40 ये सब एक नंबर या डेटा है। अगर इसके आगे हम Rs (Rupees) लगा देते हैं तो ये एक इनफार्मेशन हो जाता है।  फिर ये हमे बताता है की इस देता का इतना मूल्य (Value) है। उदहारण के लिए Rs 50, Rs 100 ,Rs 500 अदि।

Full form of Computer – Computer का पूरा नाम क्या है ?  

दोस्तों आप लोगो को पता होगा की Computer का स्पेलिंग COMPUTER  होता है जिसका पूरा नाम है –

C – Commonlyआमतौर पर 
O – Operatedसंचालित
M – Machineमशीन
P – Particularly विशेष रूप से
U – Used For काम के लिए
T – Technical तकनिकी
E – Education शिक्षा
R – Research   अनुसंधान
Full Form of computer

Commonly Operated Machine Particularly Used for Technical Education Research 

इसका मतलब होता है की आमतौर पर संचालित विशेष रूप से तकनीकी शिक्षा अनुसंधान के लिए उपयोग की जाने वाली मशीन.

Use of Computer – कंप्यूटर का उपयोग कहां कहां होता है?

आज की डिजिटल युग में कंप्यूटर का उपयोग हर जगह और हर काम में होता है।  आज के युग में सारे लोगो के पास कंप्यूटर है। जो युवा वर्ग  होते है उनके पास तो कंप्यूटर होता ही है, लेकिन आज के युग में तो वो लोग भी कंप्यूटर रखते है जिसे कंप्यूटर चलना भी नहीं आता।

लेकिन अशिक्षित लोग सिर्फ हैंडहेल्ड कंप्यूटर (Handheld Computer) ही रखते हैं जिसे सिंपल भाषा में मोबाइल कहते है। इस तरह आज सब लोग कंप्यूटर का उपयोग करते हैं। तो चलिए अब कुछ यैसे जगहों के बारे में जान लेते हैं जहाँ  कंप्यूटर का प्रॉपर उपयोग किया जाता है।

  • Office :-
  • School :- स्कूलों में कंप्यूटर का उपयोग बच्चों को कंप्यूटर सीखने के लिए किया जाता है या फिर स्कूल की डेटा को स्टोर कर के रखने के लिए किया जाट है। 
  • College :- कॉलेज में  स्टूडेंट को प्रोजेक्ट के बारे सिखाने  के लिए कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है या फिर कॉलेज की डेटा और कॉलेज की पर्सनल काम के लिए भी कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। 
  • University :- विश्यविद्यालय में कंप्यूटर का उपयोग स्टुडें का मार्क्सशीट या सर्टिफिकेट बनाने के लोए किया जाता है और यूनिवर्सिटी की डेटा स्टोर करने के लिए भी कम्प्युटर का उपयोग किया जाता है। 
  • Police Station :- पुलिस स्टेशन में डेटा स्टोर करके रखने के लिए और किसी को ट्रैक करने के लिए भी कंप्यूटर उपयोग किया है। 
  • Railway Station :- रेलवे स्टेशन में कंप्यूटर का उपयोग टिकेट काटने के लिए किया जाता है। 
  • Air Ports :- हवाई अड्डा में कंप्यूटर का उपयोग billing और customer का data store करने के लिए किया जाता है.
  • Hospital :- Hospital men computer का उपयोग Billing करने के लिए और Patient का data store कर रखने के लिए किया जाता है.
  • Shop :- किसी भी shop पर कंप्यूटर ज़्यादातर billing के लिए ही उपयोग किया जाता है और स्टॉक मैनेज करने के लिए या costumer का जानकारी रखने के लिए किया जाता है.
  • Personal – बहुत सारे लोग अपने पर्सनल use के लिए भी कंप्यूटर रखता है या entertainment के लिए भी कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है.

Generation of Computer (कंप्यूटर की पीढ़ी)

  1. First Generation (पहली पीढ़ी 1946 -1955 ) – पहली पीढ़ी की कंप्यूटर में वैक्यूम (Vacuum) का उपयोग  होता था। 
  2. Second Generation (दूसरी पीढ़ी 1956 – 1965) – दूसरी पीढ़ी की कंप्यूटर में टांसिस्टर (Transistor) का उपयोग होता था। 
  3. Third Generation (तीसरी पीढ़ी 1966 -1975) – तीसरी पीढ़ी की कंप्यूटर में IC ‘s (Integrated Circuits) का उपयोग होने लगा। 
  4. Fourth Generation (चौथी पीढ़ी 1976 – 1980)) – चौथी पीढ़ी की कंप्यूटर की अंडर माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor) का उपयोग हुवा।  
  5. Fifth Generation (पांचमी पीढ़ी 1980…… ) – पांचमी पीढ़ी की कंप्यूटर, यानि आज जो कंप्यूटर चल रहा है उसमे एडवांस्ड माइक्रोप्रोसेसर (Advanced Microprocessor) का उपयोग किया जाता है।

Computer की सिद्धांत क्या है?

जिस तरह हम सब का कुछ ना कुछ सिद्धांत होता है उसी तरह कंप्यूटर का भी सिंद्धांत होता है। जिस तरह आप और हम काम करते हैं उसी तरह कंप्यूटर भी काम करता है।

जैसे – आपको कोई कुछ पूछता है तो आप पहले उसको सुनते हैं फिर आप अपने दिमाग में उसको सोचते हैं और फिर जवाब देते हैं, ठीक इसी तरह कंप्यूटर भी किसी चीज को इनपुट करता है फिर प्रोसेसिंग करता है और फिर जवाब देता है और अगर आप चाहे तो उसे भविष्य के लिए स्टोरेज कर सकते हैं। 

Parts of computer – कंप्यूटर का पार्ट :-

जिस तरह अलग – अलग काम को करने के लिए हमारे बॉडी का अलग – अलग पार्ट है उसी तरह कंप्यूटर का भी अलग – अलग काम करने के लिए अलग – अलग पार्ट होता है। जो  Input Devices, Output Devices, Processor और Storage है। 

Input Device :-

1. Keyboard  

जैसा की नाम से ही पता चलता है की keyboard computer की चाभी होता है। keyboard का उपयोग computer में टाइपिंग करने के लिए किया जाता है। जब किसी का हाथ keyboard पर बैठ जाता है तो वो अच्छे से कंप्यूटर को चला लेता है। keyboard में अलग – अलग तरह का keys होता है। 

Types of Keys:

  1. Alphabets Keys – a to z or A to Z
  2. Numbers Keys – 0 to 9
  3. Special Keys – Window Key, Ctrl, Alt, Num Lock 
  4. Function Keys – F1 to F12

2. Mouse –

Mouse एक तरह का पॉइंटिंग डिवाइस है। स्क्रीन पर एक आइकन होता है जिसे माउस पॉइंटर या कर्सर कहा जाता है। किसी टेक्स्ट  या किसी प्रोग्राम को पॉइंट करने  लिए माउस का उपयोग किया जाता है। 

किसी भी चीज को एक जगह से दूसरे जगह Drag & Drop  करने के लिए भी माउस का उपयोग किया जाता है। मार्केट में तीन तरह के माउस मिलता है।

Types of Mouse :

  1. ऑप्टिकल माउस (Optical Mouse)
  2. ट्रैक बॉल माउस (Track Ball Mouse)
  3. वायरलेस माउस (Wireless Mouse)

 प्रतियेक माउस में तीन तरह का बटन होता है 

Types of Buttons 

  • Left Button :- Left Button का उपयोग डबल क्लिक करके किसी भी प्रोग्राम को ओपन करने के लिए किया जाता है। 
  • Right Button :- Right Button का उपयोग सिंगल क्लिक करके किसी भी प्रोग्राम की प्रॉपर्टीज को एक्सेस करने के लिए किया जाता है। 
  • Scroll Button :- Scroll Button का उपयोग पेज Up  और पेज Done करने के लिए किया जाता है। 

3. Scanner – 

Scanner
Scanner

Scanner का उपयोग किसी भी डॉक्यूमेंट, फोटो या पेपर को स्कैन करने के लिए किया जाता है।

4. Bar Code Reader – 

किसी भी समान की मूल्य को स्कैन करने के लिए एक मशीन का उपयोग होता है जिसे बार कोड रीडर कह जाता है। आप मॉल में देखे होन्हे यैसा मशीन जिससे किसी भी प्रोडक्ट का एमआरपी एक्सेस किया जाता है।

5. Joystick- 

Joystick
Joystick

Joystick का उपयोग विडिओ गेम के लिए किया जाता है और अल्ट्रा शोउन्द मशीन के अंडर किया जाता है।

6. Memory Card Reader , Debit Card & Credit Card Reader – 

Memory Card Reader , Debit Card & Credit Card Reader ये सारे  भी Input Device ही है।

7. MICR Machine – 

Maginetic-ink character recognition(MICR) इस मशीन का उपयोग बैंक में किया जाता है। इस मशीन से मैकर चेक की नंबर को स्कैन किया जाता है।

8. OCR Machine – 

Optical Character Recognition(OCR) इस मशीन से करैक्टर को डिजिटल फॉर्म में कन्वर्ट किया जाता है।

9. OMR Machine – 

Optical Mark Recognition(OMR) इस मशीन के द्वारा ओएमआर सीट को रीड किया जाता है।

10. Web Camera & Microphone – 

Web Camera & Microphone ये सारी चीजे भी इनपुट डिवाइस के अंडर ही उपयोग होता है।

Processing Device :-

Processing Device एक सिस्टम यूनिट है जो पूरी कंप्यूटर सिस्टम को कण्ट्रोल करता है।  इसे कैबिनेट भी कहा है। इस सिस्टम यूनिट के अंदर बहुत सारा अलग – अलग पार्ट है जिस सब का अलग – अलग काम है। 

1. Motherboard :- 

Motherboard सिस्टम यूनिट का सबसे हेड पार्ट होता है। मदरबोर्ड के बिना सिस्टम यूनिट चल नहीं सकता है। मदरबोर्ड पर एक CPU लगा होता है। 

2. SMPS :- 

SMPS का पूरा नाम Switching Mode Power Supply है। SPMS से पावर कण्ट्रोल होता है।SMPS, AC को DC में कन्वर्ट करता है। 

  • AC – Alternate Current (प्रत्यावर्ती धरा) 
  • DC – Direct Current (एकदिश धरा)

3. CPU :- 

CPU का पूरा नाम Central Processing Unit (केन्द्रीय प्रक्रमण इकाई) है। CPU  कंप्यूटर का ब्रेन होता है जो मदरबोर्ड के ऊपर लगा होता है। CPU का दो पार्ट है –

  • ALU (Arithmetic and Logical Unit)- अर्थमेटिक और लॉजिकल कैलक्युलेशन्स को काम करने के लिए ALU भाग का उपयोग किया जाट है। 
  • CU (Control Unit)- कंप्यूटर में जितने पार्ट लगे होते हैं उन सब का रिसोर्स मेनेजमैंट का काम CU द्वारा क्या जाता है। 

4. RAM :- 

RAM भी एक स्टोरेज डिवाइस  होता है। RAM के बारे मैं आपको  नीचे स्टोरेज डिवाइस में अधिक जानकारी दूंगा।

5. Hard Disk :- 

Hard Disk एक प्रकार का स्टोरेज डिस्क होता हैजिसमे डेटा को स्टोर करके रखा जाता है।

6. Optical Disk :- 

Optical Disk एक प्रकार का स्टोरेज डिस्क होता है।

7. Floppy Disk :- 

Floppy Disk एक प्रकार का स्टोरेज डिस्क होता है।

8. System Fan :-

System Fan
System Fan

System fan का प्रयोग सिस्टम यूनिट को ठण्डा रखने के लिए किया जाता ताकि सिस्टम यूनिट हीट न हो। 

9. Heat Sink :-

Heat Sink
Heat Sink

Heat Sink का प्रयोग CPU को ठण्डा रखने के लिए किया जाता है। 

Output Device :-

1. Monitor

Computer का फर्स्ट और कॉमन आउटपुट डिवाइस मॉनिटर होता है। मॉनिटर अलग – अलग प्रकार का होता है –

  1. CRT Monitor :- Cathode Ray Tube (CRT) Monitor पहले यूज़ किया था। 
  2. TFT Monitor :- Thin Film Transistor (TFT) Monitor 
  3. LCD Monitor :- Liquid Crystal Display(LCD) Monitor
  4. LED Monitor :- Light Emitting Diode(LED)
  5. Plasma Screen
  6. HDTV :- Hard Defination Television टेलीविज़न यह एक डिजिटल  फॉर्मेट का टीवी है। 

इस तरह का अलग अलग प्रकार का मॉनिटर मारकेट में मिलता है।

2. Printer

प्रिंटर दो प्रकार के होते हे Impact Printer और Non-Impact Printer। प्रिंटर से जो हमे आउटपुट मिलता है उसे हम हार्ड कॉपी कहते है और कंप्यूटर में जो टेक्स्ट दीखता है उसे हम सॉप्ट कॉपी के नाम से जानते है।

प्रिंटर के रेजोल्युशन को एक यूनिट से मापा जाता है  जिसे  DPI ( Dot per Inch) के नाम जानते हैं। प्रिंटर की स्पीड को मापने के लिए पीपीएम (Page Per Minute – PPM) का उपयोग  किया जाता है।

Impact Printer :-

A – Character Printer :-  Character printer के अंडर आता है डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर और डेज़ी  व्हील  प्रिंटर 

  • Dot Matrix –डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर (Dot Matrix Printer) के द्वारा डॉट-डॉट प्रिंटिंग किया जाता है। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर काम करते समय काफी आवाज करता है। 
  • Daisy Wheel – डेज़ी व्हील प्रिंटर (Daisy Wheel Printer) भी डॉट मैट्रिक्स प्रिंट्रर के तरह ही होता है इसमें व्हील लगा होता है। 

 B – Line Printer :-  Line Printer दो  प्रकार  होता है –

  • Chain Printer 
  • Drum Printer 

Non-Impact :- 
A –  Ink Jet Printer :-  

  • इंक जेट प्रिंटर (Ink-Jet Printer) पर इंक का स्प्रे (Spray) किया जाता है फिर प्रिंट किया जाता है। 
  • इंक जेट प्रिंट (Ink-Jet Printer) से कलर (Color) और ब्लैक & वाइट (Black & White) दोनों प्रिंट एक साथ ही निकाला जा  सकता है। 

B –  Laser Printer :-

  • लेज़र प्रिंटर (Laser Printer) सबसे अच्छा प्रिंटर होता है। 
  • लेज़र प्रिंटर (Laser Printer) में प्रिंट करने के लिए फोटो सेन्सिटिव एलिमेंट (Photo Sensitive Aliment) का उपयोग किया जाता है। 
  • लेज़र प्रिंटर (Laser Printer) में टोनर (Toner) का उपयोग किया जाता है।
  • लेज़र प्रिंटर (Laser Printer) ज्यातर ब्लैक & वाइट ही उपयोग किया जाता है लेकिन लेज़र फॉर्मेट में कलर प्रिंटर भी आता है जो काफी मेहगा होता है। 

C – Thermal Printer :-

  • थर्मल प्रिंटर (Thermal Printer) से स्पेशल पेपर पर प्रिंट किया जाता है (जैसे – आपने देखा होगा एटीएम (ATM) मशीन से जो रसिद्ध निकलता है वो स्पेशल पेपर होता है ) उस रसिद्ध को थर्मल प्रिंटर से प्रिंट किया जाता है। 
  • थर्मल प्रिंटर (Thermal Printer)  में प्रिंट करने के लिए हीट एलिमेंट (Heat Aliment)  का उपयोग किया जाता है। 

3.  Plotter :- 
प्लॉटर (Plotter ) का उपयोग बड़े-बड़े मैप्स, पोस्टर, बैनर का प्रिंट करने के लिए  किया जाता है।

4. Speaker & Headphones :-

स्पीकर और हेडफोन्स (Speaker & Headphones) भी आउटपुट डिवाइस है। स्पीकर और हेडफोन्स के बारे में आपको पाता ही होगा की ये क्या होता है।

इस सब के  अलाबा एक और डिवाइस होता है जिसे Multi functional Device (बहुआयामी या बहुविकल्पीय उपकरण) कहा जाता है। जो इनपुट (Input) और आउटपुट(Output) दोनों का काम करता है।  जैसे – यैसे मशीन जिसने Scan, Fax, Print और Xerox ये सारे काम एक ही मल्टी फंक्शनल मशीन से किया जाता हो।

Storage Device :-

1. Memory

Memory Computer में डेटा को स्टोर करने का काम करता है। 

Types Of Memory:-

Computer में दो तरह का Memory उपयोग किया जाता है – Primary Memory और Secondary Memory.

Primary Memory:-

Primary Memory  भी दो तरह का होता है, RAM और ROM.

1. RAM 

  • RAM का पूरा नाम Random Access Memory है। 
  • RAM में जो डेटा स्टोर किया जाता है उसे बिना क्रम के एक्सेस किया जा सकता है। 
  • RAM के डाटा को आप रीड (Read) और राइट (Write) दोनों कर सकते हैं। 
  • RAM में स्टोर डेटा कंप्यूटर की पावर ऑफ होने पर हट जाता है। 
  • RAM Versatile Memory यानि चेंजेबल मेमोरी होता है। 

Types Of RAM :-

RAM (Random Access Memory) दो प्रकार होता है –

  1. SRAM (Static Random Access Memory) :- जब तक कंप्यूटर में पावर रहता है SRAM आपके कॉन्टेंट या डेटा को स्टोर करके रखता है। जैसे ही कंप्यूटर की पावर ऑफ होता है ये डेटा को हटा देता है। SRAM डेटा को बार – बार रिफ्रेश नहीं करता है। 
  2. DRAM (Dynamic Random Access Memory) :- DRAM अपने डेटा को बार – बार कुछ समय के बाद रिफ्रेश करता रहता है जिससे कंप्यूटर की पावर ऑफ होने पर ये डेटा को हटाता नहीं है। DRAM तीन तरह का होता है –
  • EDODRAM – Extended Date Out Dynamic Random Access Memory.
  • SDRAM – Synchronous Dynamic Random Access Memory.
  • DDRDRAM – Dauble Date Rate Dynamic Random Access Memory.

2. ROM 

  • ROM का पूरा नाम Read Only Memory है। 
  • ROM में जो डेटा स्टोर किया जाता है उसे बिना क्रम के एक्सेस नहीं किया जा सकता है। 
  • ROM के डेटा को आप सिर्फ रीड (Read) कर सकते हैं। 
  • ROM में स्टोर डेटा कंप्यूटर की पावर ऑफ होने पर हटता नहीं है। 
  • ROM Non Versatile Memory यानि चेंजेबल नहीं होता है।

Types Of ROM :-
ROM दो प्रकार का होरा है –

  1. PROM (Programmable Read Only Memory) :- PROM में लोड प्रोग्राम या डेटा को आप सिर्फ रीड कर सकते हैं। 
  2. EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory) :- ये भी PROM के तरह ही होता है। पर ये Re-writable होती है। लेकिन EOROM को Re-write  करने के लिए इस Chips को Ultraviolet Light के अंदर रखना परता है। 
  3. Flash  Memory :- आज कल Flash  Memory का उपयोग डिजिटल कैमरा (Digital Camera), MP3 Player आदि के अंदर किया जाता है। 

Secondary Memory:-

Secondary Memory के अंदर डाटा को स्टोर करने के लिए अलग-अलग मेमोरी की उपयोग किया जाता है –

Types Of Secondary Memory:-

1. HDD (Hard Disk Drive) :- C Drive, D Drive, E Drive आप इस का नाम सुना होगा आगे और भी अल्फाबेट हो सकता है या इससे कम भी हो सकता है। ये सब Hard Disk का पार्टीशन।

2. DVD/CD ROM :-

DVD ROM :-

  • DVD का पूरा नाम Digital Versatile Disk है। DVD का Capacity 4.7 GB होता है। 
  • DVD दो तरह का होता है –
  1. DVDR (Digital Versatile Disk Read Only) – इसमें लोड डेटा को सिर्फ Read किया जा सकता है 
  2. DVDRW (Digital Versatile Disk Read And Write) – इसमें लोड डेटा को Read और Write  सकता है। 

CD ROM :-

  • CD का पूरा नाम Compact Disk है। CD की Capacity 650 MB से 700 MB तक होता है।
  • CD दो तरह का होता है –
  1.  CDR (Compact Disk Read Only) – इसमें लोड डेटा को सिर्फ Read किया जा सकता है
  2. CDRW (Compact Disk Read And Write) – इसमें लोड डेटा को Read और Write  सकता है। 
  3. Blue Ray Disk :-  आज कल मार्केट Blue Ray Disk ही ज़्यादा चलता है। इसकी Capacity 50 GB से 500 GB तक होता है।
  4. Pendrive, Smart Media Card( Mini SD Card, Micro SD Card) :- ये सब Secondary Memory के अंदर ही आता है।
  5. Optical Disk, Floppy Disk :- ये दोनों भी एक स्टोरेज डिवाइस है।

इस  Article Basic Computer in hindi में मैं आपको बायता की –

  1. Basic computer information in hindi
  2. कंप्यूटर क्या है या कंप्यूटर किसे कहते हैं 
  3. डेटा किया है 
  4. कंप्यूटर का पूरा नाम क्या है 
  5. कंप्यूटर का उपयोग कहाँ – कहाँ होता है 
  6.  कंप्यूटर की पीढ़ी क्या है 
  7. कंप्यूटर का सिद्धांत क्या है 
  8.  कंप्यूटर का पार्ट कोण – कोण सा होता है 
  9. इनपुट डिवाइस क्या है  अंदर क्या क्या आता है
  10. Keyboard क्या होता है 
  11. Mouse क्या होता है ओर kitne प्रकार का होता है
  12. आउटपुट डिवाइस क्या है और इसके अंदर क्या – क्या आता है 
  13. Monitor क्या होता है और Monitor kitne प्रकार का होता है 
  14. प्रिंटर kya होता है
  15. स्टोरेज डिवाइस क्या होता है 
  16. RAM क्या होता है और कितने प्रकार का होता है
  17. ROM  किया होता  है और कितने प्रकार का होता है

इस आर्टिकल में आपको मैं और भी बहुत कुछ बताया हूँ। आप इस आर्टिकल Basic computer in hindi को शुरू से लास्ट तक पढेंगे तो आपको Basic computer के बारे में सब कुछ समझ आजायेगा।

दोस्तों आप मुझे कमेंट करके बताइये कि आपको ये आर्टिकल Basic computer in hindi कैसा लगा। अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।

Basic computer in hindi को पढने के बाद निचे दिए जानकारी भी पढ़े

Blogging se paise kaise kamaye?

Affiliate marketing kya hai?

Email marketing kya hai?

Digital marketing kya hai?

Online paise kaise kamaye?

दोस्तों मैं अपने तरफ़ से इस article Basic computer in hindi में सभी जानकारी सही – सही दिया हूँ और आपको सरल भाषा में समझाने का कोशिश किया हूँ.

अगर आपको इस आर्टिकल Basic computer in hindi में कही त्रुटी लगे या आपको लगे की इस आर्टिकल में कुछ छुट गया है तो आप मुझे comment कर के बता सकते हैं मैं use तुरंत update करने की कोशिश करूँगा।

अगर आपको इस आर्टिकल Basic computer in hindi या Digital marketing से जुरे कुछ पूछना है तो आप मेरे blog के Contact Us pages में जाकर मुझे Contact कर सकते हैं.


1 Comment

technical krishna · February 20, 2021 at 8:41 am

really good information sir thank u so much .

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